
जमीन की रंजिश में लाठी-डंडों से पीटने का आरोप, अदालत ने दोनों पर 55-55 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार दिनेश कुमार की अदालत ने आरोपी पति-पत्नी को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला गुरुवार को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र के चौकन्ना रामचंद्र निवासी दिलीप मौर्य की अपने पट्टीदार अजय मौर्य से जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते अजय मौर्य ने दिलीप के घर से निकलने वाले पानी का रास्ता बंद कर दिया था।
18 जून 2020 को दोपहर करीब दो बजे दिलीप मौर्य की मां भानमती नाली खोलने लगीं। आरोप है कि इसी दौरान अजय मौर्य, उसकी पत्नी सुशीला देवी और दो नाबालिग लड़कों ने लाठी-डंडे से भानमती की पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल भानमती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी रात उनकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह और अविनाश चंद्र राय ने आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अजय मौर्य और सुशीला देवी को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास तथा 55-55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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