एकतरफा प्रेम में महिला पर किया था धारदार हथियार से हमला, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
आजमगढ़ । पवई थाना क्षेत्र में महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। मौके से पुलिस ने एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा ₹220 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी सुजीत मौर्य (33) निवासी कस्बा पवई, महिला से एकतरफा प्रेम करता था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना वाली रात वह चोरी-छिपे महिला के घर में घुस गया और उसकी गर्दन पर दो तथा हाथ पर एक वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था।
घटना के संबंध में थाना पवई में मुकदमा संख्या 176/2026 धारा 109(1)/118(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 17/18 जुलाई की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद आरोपी दोबारा तमंचा लोड करने लगा, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। गोली उसके दाहिने पैर में लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया।
पूछताछ में आरोपी ने महिला पर जानलेवा हमला करने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि घटना के बाद वह पुलिस से बचने के लिए आसपास के क्षेत्रों में छिपा हुआ था और मौका मिलते ही फरार होने की फिराक में था।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कराया गया, वीडियोग्राफी कराई गई तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में मुकदमा संख्या 177/2026 धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आयुध अधिनियम के तहत एक और मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।