
राशन कार्ड व सरकारी अभिलेखों में लाभ दिलाने के लिए तैयार किया था कूटरचित प्रमाण पत्र, अन्य लोगों की भूमिका की जांच
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना पुलिस ने फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के मामले का खुलासा करते हुए नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के एक आउटसोर्स कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कर्मचारी ने रुपये के लालच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया था, जिसका इस्तेमाल राशन कार्ड समेत अन्य सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाना था।
पुलिस के मुताबिक, नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के जन्म-मृत्यु प्रभारी रणविजय सिंह ने 12 जुलाई को थाने में तहरीर दी थी। जांच के दौरान सामने आया कि मोहम्मद सैफ के नाम से जारी जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका परिषद की ओर से जारी नहीं किया गया था। प्रमाण पत्र पर संबंधित कर्मचारी और अधिशासी अधिकारी के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था।
मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की तो कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, विदेश में रह रहे मोहम्मद नईम ने अपने पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भतीजे अब्दुल करीम के माध्यम से नगर पालिका परिषद में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी खुर्शीद से संपर्क किया था। आरोप है कि खुर्शीद ने जरूरी दस्तावेज और रुपये लेने के बाद कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर दिया।
पुलिस का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल राशन कार्ड समेत अन्य सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराकर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किया जाना था। विवेचना में खुर्शीद की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुबारकपुर रोडवेज तिराहे से खुर्शीद (37), निवासी पूरारानी, थाना मुबारकपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने रुपये के लालच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने की बात स्वीकार की है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं, प्रकरण में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।