
सरायमीर में पुलिस टीम पर फायरिंग, 23.700 किलो गोवंशीय मांस, तमंचा और वध के उपकरण बरामद; एक आरोपी की तलाश
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र में गोकशी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और बदमाशों के बीच मंगलवार को मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान एक आरोपी ने टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से एक आरोपी घायल हो गया, जबकि पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। मौके से 23.700 किलोग्राम गोवंशीय मांस, अवैध तमंचा, कारतूस और पशु वध में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि खासडीह बरईपुर बड़ी नहर के पास कुछ लोग गोवंश का वध कर मांस बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस टीम को देखते ही तीन संदिग्ध कंधों पर रखी बोरियां छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें घेरने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान मेराज उर्फ साजिद खान ने तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन वह दोबारा फायरिंग का प्रयास करने लगा।
पुलिस के मुताबिक आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में मेराज उर्फ साजिद के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया। पुलिस टीम ने पीछा कर गालिब और शहजाद को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी अरहम के साथ मिलकर बड़ी नहर के किनारे सुनसान स्थान पर गोवंश का वध करने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि मांस को बोरियों में भरकर आसपास के गांवों में बिक्री के लिए ले जाया जाता था। फरार आरोपी अरहम की तलाश की जा रही है।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक .315 बोर का तमंचा, एक जीवित कारतूस, एक खोखा कारतूस, लकड़ी का ठीहा, चार चाकू, दो चापड़ और 23.700 किलोग्राम गोवंशीय मांस बरामद किया। पशु चिकित्साधिकारी के निरीक्षण के बाद मांस के नमूने विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कराए गए हैं।
पुलिस ने घायल आरोपी मेराज उर्फ साजिद खान, निवासी हाजीपुर गोधना थाना पवई, गालिब और शहजाद, निवासी खासडीह बरईपुर थाना सरायमीर को गिरफ्तार किया है। मेराज के खिलाफ बीएनएस, आयुध अधिनियम और उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जा रही है।