
फुपुक्टा के आह्वान पर 30 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन, 2, 3 और 4 नवंबर तक सांकेतिक आंदोलन का ऐलान हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। प्रदेश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (फुपुक्टा) तथा महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के आह्वान पर 30 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जिले के महाविद्यालयों के शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने विरोध के साथ ही छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने शैक्षणिक एवं अन्य दायित्वों का निर्वहन जारी रखा।
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर विश्वविद्यालय इकाई शिक्षक संघ के अनुरोध पर सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने स्वाभिमान और अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनके लिए छात्र हित सर्वोपरि है। परीक्षा नजदीक होने के कारण शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के साथ-साथ पाठ्यक्रम पूरा कराने और अपने सभी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों की कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी संवेदनशीलता का परिचायक है। शिक्षक सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके लिए स्वहित से अधिक महत्वपूर्ण छात्र हित है। सरकार को 30 सूत्रीय मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा भविष्य में उत्पन्न होने वाली विपरीत परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन की होगी।
विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. जरार अहमद ने कहा कि प्राध्यापक अपनी पहली जिम्मेदारी छात्रों के प्रति समझते हैं। सरकार को प्रदेश नेतृत्व की 30 सूत्रीय मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर प्रकरण का निस्तारण करना चाहिए, अन्यथा शिक्षकों का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहना होगा।
वहीं शिब्ली नेशनल कॉलेज शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद ने कहा कि शिक्षकों की 30 सूत्रीय मांगों में कोई भी ऐसी मांग नहीं है, जिसका निस्तारण सरकार और शासन के स्तर से संभव न हो। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल मांगों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन 4 नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने शिक्षण एवं अन्य कार्यों का नियमित रूप से निर्वहन करेंगे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में शिक्षकों की ओर से 30 सूत्रीय मांगों को मिल रहे व्यापक समर्थन से स्पष्ट है कि शिक्षक अपने अधिकारों को लेकर एकजुट हैं।