
देवखरी गांव में हादसे से मची चीख-पुकार, मलबे में दबे तीनों मजदूरों को निकालकर पहुंचाया गया अस्पताल
चार घंटे तक चला राहत-बचाव अभियान, मंडलीय अस्पताल में मृत मजदूर का शव तीन घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़ा रहने से व्यवस्था पर उठे सवाल
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। कंधरापुर थाना क्षेत्र के भंवरनाथ के पास देवखरी गांव में सोमवार दोपहर निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की छत की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अचानक शटरिंग भरभराकर गिरने से तीन मजदूर सरिया और ताजा मलबे के नीचे दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार, देवखरी गांव में पिछले दो वर्षों से खाटू श्याम मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार को मंदिर की छत की ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शटरिंग का काम कर रहे मजदूरों के ऊपर अचानक पूरी संरचना भरभराकर गिर पड़ी। तेज आवाज के साथ सरिया और छत का ताजा मलबा नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर तीन मजदूर दब गए।
हादसे में जहानागंज थाना क्षेत्र के असोना गांव निवासी 32 वर्षीय राजाराम, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी 22 वर्षीय कमलेश चौहान और 32 वर्षीय अरुण चौहान मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों मजदूर क्षेत्र के आबाड़ी गांव निवासी एक ठेकेदार के साथ रहकर शटरिंग का काम करते थे।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने मलबा हटाकर तीनों मजदूरों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने राजाराम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कमलेश और अरुण की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। कमलेश की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उधर, हादसे की सूचना पर कंधरापुर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए करीब चार घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
मंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हादसे में एक मजदूर की मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने के बीच मंडलीय अस्पताल की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब तीन बजे एंबुलेंस से तीनों मजदूरों को अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने राजाराम को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों को रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन घायलों को लेकर निजी अस्पताल चले गए, लेकिन मृतक का शव करीब तीन घंटे तक इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। इस स्थिति को लेकर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कंधरापुर थानाध्यक्ष केदारनाथ मौर्य ने बताया कि शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि दो अन्य घायल हैं। घायलों का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।