
अदालत ने पति पर लगाया 50 हजार रुपये का अर्थदंड, पूरी राशि मृतका के बच्चों की परवरिश के लिए दी जाएगी
वर्ष 2013 में ससुराल में हुई थी अर्चना की मौत, उत्पीड़न का आरोप; अभियोजन ने सात गवाहों को कराया परीक्षित
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। पत्नी की हत्या के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही की अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के मुताबिक अर्थदंड की पूरी धनराशि मृतका के बच्चों की परवरिश के लिए दी जाएगी। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी ससुर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। फैसला गुरुवार को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार गाजीपुर जनपद के शादियाबाद थाना क्षेत्र के हंसराजपुर निवासी विंध्याचल सिंह की पुत्री अर्चना की शादी वर्ष 2004 में मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी अवनीश सिंह के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद अर्चना का वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं रहा और ससुराल में उसका उत्पीड़न किया जाता था।
अर्चना ने अपने मायके वालों को ससुराल पक्ष के व्यवहार की जानकारी दी थी। हालांकि, मायके वाले उसे समझा-बुझाकर दोबारा ससुराल भेज देते थे। इसी बीच 8 मार्च 2013 को विंध्याचल सिंह को सूचना मिली कि उनकी पुत्री अर्चना की ससुराल में हत्या कर दी गई है।
घटना के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने प्रकरण की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी पति अवनीश सिंह और ससुर सुभाष सिंह के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी पति अवनीश सिंह को दोषी पाया।
अदालत ने अवनीश सिंह को आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी धनराशि मृतका के बच्चों की परवरिश के लिए दी जाएगी।
वहीं, मामले में आरोपी ससुर सुभाष सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।