
शादी के 11 महीने बाद ससुराल में हुई थी सोनी की मौत, अदालत ने तीनों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का लगाया अर्थदंड
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के उत्पीड़न का आरोप, पुलिस की चार्जशीट के बाद चली सुनवाई; अभियोजन ने 10 गवाहों को कराया परीक्षित
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। दहेज हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत ने पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। फैसला गुरुवार को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार अंबेडकर नगर जनपद के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर फिकर निवासी राम मिलन मौर्य की पुत्री सोनी का विवाह 10 जुलाई 2024 को महाराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी राहुल मौर्य के साथ हुआ था।
आरोप था कि विवाह के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर सोनी का ससुराल में उत्पीड़न किया जाने लगा। परिवार के लोगों की ओर से दहेज को लेकर उसे प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया। इसी बीच 10 जून 2025 को सोनी की ससुराल में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी पति राहुल मौर्य, सास राजपति देवी और ससुर राम कुशल के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पीयूष प्रियदर्शी त्रिपाठी तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्रा ने अभियोजन के 10 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया।
अदालत ने आरोपी पति राहुल मौर्य, सास राजपति देवी और ससुर राम कुशल को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।