

शंभूपुर गोलीकांड के बाद अनाथ हुईं छह माह और आठ साल की दो मासूम बच्चियां, जिस घर में गूंजती थी किलकारी वहां पसरा मातम
हिंदी न्यूज़ 24
अहरौला/आजमगढ़। शंभूपुर के खूनी घटनाक्रम ने दो मासूम बच्चियों की जिंदगी से मां, भाई और पिता का साया छीन लिया। घर में हुई फायरिंग में मां बबीता और भाई शौर्य की मौत हो गई, जबकि बच्चों को कमरे में बंद करने के बाद पुलिस से हुई मुठभेड़ में पिता अरविंद की भी जान चली गई। अब छह माह की मासूम और आठ साल की बच्ची के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी परवरिश कौन करेगा और उनका भविष्य किसके सहारे आगे बढ़ेगा।
घटना के दौरान दोनों बच्चियां उसी घर में मौजूद थीं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। रात के भयावह घटनाक्रम के बाद दोनों मासूमों को परिजनों के सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया की गई।
जिस पिता के साये में दोनों बच्चियों का बचपन गुजरना था, उसी पिता पर पत्नी और बेटे की हत्या का आरोप लगा और अंततः पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसकी भी मौत हो गई। शंभूपुर की इस घटना ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया है।
अब पुलिस की जांच घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। वहीं परिवार और रिश्तेदारों के सामने इन दोनों बच्चियों की देखभाल और भविष्य की जिम्मेदारी का सवाल खड़ा हो गया है।