

चार लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद बच्चों को कमरे में बंद कर पुलिस को दी धमकी, जवाबी फायरिंग में आरोपी अरविंद भी मारा गया
अहरौला के शंभूपुर में पूजा के दौरान विवाद के बाद खूनी खेल, मृतकों में अरविंद की पत्नी बबीता, बेटा और दो पंडित शामिल; पुलिस की कार्रवाई में आरोपी की मौत
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात खूनी वारदात में बदल गया। पुलिस के अनुसार अरविंद सिंह ने अपने घर में अपनी पत्नी समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतकों में उसकी पत्नी बबीता, अखिलेश मिश्रा, व महेन्द्र पांडेय पंडित शामिल हैं। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों जिसमे एक बेटा व दो बेटियां शामिल थी को घर के एक कमरे में बंद कर लिया और पुलिस को भी गोली मारने की धमकी देने लगा। बाद में उसने अपने बेटे शौर्य सिंह को भी गोली मार दी। पुलिस के कमरे में प्रवेश करने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की मौत हुई है।

पूजा के दौरान विवाद के बाद शुरू हुआ खूनी खेल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम अरविंद के घर पर पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए पंडित मौजूद थे। इसी दौरान बाजार से घर पहुंचे अरविंद ने पूजा करा रहे पंडितों से जानकारी ली और आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद बढ़ने पर आरोप है कि अरविंद ने घर में मौजूद हथियार से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत चार लोग घायल हो गए। बाद में चारों की मौत हो गई। मृतकों में अरविंद की पत्नी बबीता, बेटा शौर्य, पंडित महेन्द्र व अखिलेश के अलावा खुद अरविन्द भी शामिल है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

तीन हत्याओं के बाद बच्चों संग खुद को कमरे में किया बंद
तीन लोगों को गोली मारने के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे को घेर लिया और आरोपी से बातचीत शुरू की।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, पुलिस ने अरविंद को आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर छोड़ने के लिए समझाने का प्रयास किया। बातचीत में उसके परिवार के सदस्यों की भी मदद ली गई, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस और परिवार के लोगों को गोली मारने की धमकी देता रहा।

बेटे को गोली मारते ही पुलिस ने संभाला मोर्चा
इसी दौरान आरोपी ने अपने ही बेटे शौर्य को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मी तत्काल कमरे के अंदर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी और उसे रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद वह लगातार फायरिंग करता रहा। बच्चों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की आत्मरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।

पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ अरविंद, इलाज के दौरान मौत
जवाबी कार्रवाई में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस टीम ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो बच्चियों परी 8 साल व एक छः माह की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

पांच मौतों से गांव में मचा कोहराम
इस सनसनीखेज घटनाक्रम में चार लोगों की मौत अरविंद की गोली लगने से हुई, जबकि आरोपी अरविंद की मौत पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुई। मृतकों में उसकी पत्नी बबीता, बेटा शौर्य और दो पंडित महेंद्र पांडेय व अखिलेश मिश्रा शामिल हैं।
घटना के बाद शंभूपुर गांव में मातम और दहशत का माहौल है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसओजी और फॉरेंसिक टीम को जांच में लगाया गया है।

हथियार और फायरिंग के साक्ष्य जुटा रही फॉरेंसिक टीम
पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। फॉरेंसिक टीम मौके से हथियार, कारतूस, खोखे और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, घटना की पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और फायरिंग के दौरान कौन-कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए।