औचक निरीक्षण में दो संविधा चिकित्सक मिले अनुपस्थित, वेतन रोकने का निर्देश, स्पष्टीकरण तलब

आजमगढ़ आजमगढ़ शहर

एडिशनल सीएमओ ने किया पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का औचक निरीक्षण


पोषण पुनर्वास केंद्र का क्योर रेट 80 प्रतिशत तक पहुंचाने पर जोर

आजमगढ़। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत मंडलीय चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का गुरूवार को एडिशनल सीएमओ डाॅ उमाशण पांडेय ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती अति कुपोषित बच्चों की स्थिति, उपचार, खान-पान, वजन में सुधार तथा अभिलेखों की गहन समीक्षा की। इसके बाद टेलीमेडिसिन कक्ष के निरीक्षण में दो संविदा चिकित्सकों के अनुपस्थित मिलने पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनका स्पष्टीकरण तलब करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान उन्होंनेे एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या, एडमिशन, डिस्चार्ज, वजन बढ़ने की स्थिति तथा लामा (चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध इलाज बीच में छोड़कर चले जाने) के मामलों की जानकारी ली। उन्होंने वर्ष 2025 एवं 2026 के रजिस्टरों की बारीकी से जांच करते हुए दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्थिति का मिलान किया। निरीक्षण के समय केंद्र में चार बच्चे भर्ती पाए गए। उन्होंने कहा कि एनआरसी का मूल उद्देश्य गंभीर रूप से अति कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार और पोषण देकर स्वस्थ करना है। इसलिए केवल बच्चों को भर्ती कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि वे निर्धारित उपचार अवधि पूरी करें और अपेक्षित वजन बढ़ने के बाद स्वस्थ होकर घर लौटें। उन्होंने क्योर रेट को कम से कम 80 प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए प्रत्येक बच्चे की नियमित निगरानी और प्रभावी फॉलोअप जरूरी है। उन्होंने लामा के मामलों को कम करने के लिए बच्चों के माता-पिता की प्रभावी काउंसलिंग करने तथा उपचार बीच में छोड़ने से होने वाले खतरों के बारे में उन्हें स्पष्ट रूप से समझाने के निर्देश दिए। साथ ही आरबीएसके टीमों और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समय से पहचान कर उन्हें एनआरसी तक पहुंचाने में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। टेलीमेडिसिन कक्ष का औचक निरीक्षण के दौरान वहां तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. विपुल सिंह एवं डॉ. स्वरूपानंद अनुपस्थित पाए गए। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने दोनों चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करने तथा उनका वेतन रोकने के निर्देश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *