14 लाख की ठगी मामले में शामिल साइबर ठग गिरफ्तार, गुजरात से जुड़ा है मामला

आजमगढ़ आजमगढ़ क्राइम

इनवेस्ट के नाम पर अपने खाते में मंगाता था पैसा, फिर एटीएम से कर लेता था निकासी

अपना हिस्सा रख कर साथियों में बांट देता था शेष धनराशि, देवगांव क्षेत्र का है रहने वाला

आजमगढ़। जिले के साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर ठग को पकड़ने में सफलता पाया है। इनवेस्ट के नाम पर अपने खाते में पैसा मंगा कर वह धोखाधड़ी कर रहा था। एटीएम से पैसों की निकासी करने के बाद अपना हिस्सा रख कर शेष धनराशि साथियों में बांट देता था। पकड़ा गया साइबर अपराधी जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है और मामला गुजरात प्रांत से जुड़ा है। लगभग 14 लाख के ठगी का मामला है।


एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि प्रतिबिम्ब पोर्टल पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसकी जांच में एक संदिग्ध बैंक खाता संख्या 39938214534 प्रकाश में आया। खाताधारक रामाश्रय सरोज निवासी सोफीपुर, कोतवाली देवगांव, को पूछताछ के लिए थाना साइबर क्राइम बुलाया गया। पूछताछ, बैंक खाते के स्टेटमेंट एवं तकनीकी विश्लेषण में अभियुक्त अपने साथी गुडडू कुमार के साथ साइबर अपराध में संलिप्त पाया गया। अभियुक्त अपने बैंक खाते में इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगी की धनराशि प्राप्त कर एटीएम से नकद निकासी करता था। वह अपना कमीशन रखने के बाद शेष धनराशि अपने साथी को दे देता था। पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर अभियुक्त को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि रामाश्रय के खाते के खिलाफ गुजरात राज्य की 01 एनसीआरपी शिकायत प्राप्त हुई। जिसमें इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13,74,000 की साइबर ठगी किया जाना पाया गया। जांच में भी पता चला कि अभियुक्त अपने बैंक खाते की सुविधा साथी साइबर अपराधी को उपलब्ध कराया था। साथी द्वारा साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि अभियुक्त के खाते में मंगाई जाती थी। अभियुक्त एटीएम से नकदी निकालकर अपना कमीशन रखता था तथा शेष रकम साथी को सौंप देता था। इस प्रकार दोनों मिलकर साइबर ठगी से अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। इस मामले में रामाश्रय का साथी साइबर ठग गुड्डू निवासी बेलदारीपर जनपद नालंदा बिहार अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से एक मोबाइल बरामद हुई है जो खाते से लिंक है।

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