

स्वामी विवेकानंद की मूर्ति को पीछे छिपाने का लगाया आरोप, डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग
भारत रक्षा दल ने कहा- नगर पालिका के लाखों रुपये से बने फव्वारे को मिट्टी से पाटकर किया गया निर्माण, जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय के पास चर्च के सामने स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में फव्वारे को मिट्टी से पाटकर एक ज्वेलर्स कंपनी का प्रचार लोगो बनाए जाने का आरोप लगाते हुए भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने इसे सार्वजनिक संपत्ति के साथ खिलवाड़ बताते हुए मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं का नेतृत्व भारत रक्षा दल के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश ने किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद पार्क में दशकों पहले स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित की गई थी। इसके बाद कुछ वर्ष पूर्व नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये खर्च कर पार्क में फव्वारे का निर्माण कराया गया था।
आरोप है कि अब किसी जिम्मेदार अधिकारी की अनुमति के बिना फव्वारे को मिट्टी से पाटकर एक ज्वेलर्स कंपनी के प्रचार के लिए लोगो का निर्माण करा दिया गया। भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे नगर पालिका द्वारा फव्वारे के निर्माण पर खर्च की गई सरकारी धनराशि बर्बाद हो गई। साथ ही नए निर्माण के कारण स्वामी विवेकानंद की मूर्ति भी पीछे छिप गई है।
रवि प्रकाश ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानने वाले लोगों के लिए यह स्थिति पीड़ादायक है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले की जांच कराकर प्रचार के लिए निर्माण कराने वाले प्रतिष्ठान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही फव्वारे को पूर्व स्थिति में लाकर उसमें खर्च हुई सरकारी धनराशि की जिम्मेदारी तय की जाए।
कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की कि पार्क में स्वामी विवेकानंद की विशाल और आकर्षक प्रतिमा स्थापित कराई जाए, ताकि पार्क की पहचान और गरिमा बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन की ओर से आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में धर्मवीर शर्मा, जैनेंद्र चौहान, सुशील श्रीवास्तव एडवोकेट, जावेद अंसारी, महेंद्र चौहान, दीपक जायसवाल, सचिन जायसवाल, गोपाल प्रसाद एडवोकेट, मनोहर प्रसाद और हिमांशु सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।