
कूटरचित अभिलेखों के आधार पर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का मामला, जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
हिंदी न्यूज़ 24 मनोज कुमार गोंड
आजमगढ़। कंधरापुर थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव निवासी सुशील कुमार के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों और गलत व्यक्तिगत विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर 31 अगस्त 2026 को दर्ज की गई।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता राकेश कुमार तिवारी की ओर से दी गई जानकारी और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद यह मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक आरोपी सुशील कुमार ने अलग-अलग विवरणों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए। जांच में पासपोर्ट संख्या M3621632 और V0011009 से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
पुलिस की जांच में आरोप है कि एक पासपोर्ट में आरोपी के व्यक्तिगत विवरण में नाम-पता और जन्मतिथि से संबंधित जानकारी दर्ज थी, जबकि दूसरे पासपोर्ट के लिए अलग व्यक्तिगत विवरण का इस्तेमाल किया गया। एफआईआर में उल्लेख है कि आरोपी ने पूर्व में जारी पासपोर्ट के विवरण को छिपाते हुए वर्ष 2019 में दूसरे पासपोर्ट के लिए आवेदन किया।
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि नए पासपोर्ट के आवेदन के दौरान आधार कार्ड और वोटर कार्ड को पहचान संबंधी दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार संबंधित दस्तावेजों के आधार पर किए गए आवेदन को नियमों के विपरीत माना गया है।
मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के साथ पासपोर्ट अधिनियम-1967 की धारा 12(1)(B) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना की जिम्मेदारी निरीक्षक संजय मिश्रा को सौंपी गई है।
पुलिस अब आरोपी द्वारा पासपोर्ट बनवाने के लिए लगाए गए दस्तावेजों, दोनों पासपोर्ट में दर्ज विवरण और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े अन्य अभिलेखों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना के आधार पर की जाएगी।