RSS कार्यक्रम में कुलपति के शामिल होने का विरोध करने वाले 15 छात्र नेताओं का शांति भंग में चालान, मुचलके पर देर रात किये गए रिहा, “अखिलेश के लिए हज़ारो जवानी कुर्बान”: विवेक सिंह

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कुलपति के कार्यक्रम में पहुंचने पर समाजवादी छात्रसभा ने किया था विरोध- प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिए गए थे कार्यकर्ता, देर से पहुंचे सपा विधायक व पदाधिकारी, छात्र नेताओं में दिखा आक्रोश

हिंदी न्यूज़ 24 मनोज कुमार गोंड
आजमगढ़। हरिऔध कला केंद्र में मंगलवार को आरएसएस का कार्यक्रम आयोजित था। जिसमें महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव कुमार के मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे। समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने RSS के कार्यक्रम में कुलपति के शामिल होने का विरोध किया। कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने करीब 15 छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर शहर कोतवाली पहुंचाया। सभी का शांति भंग में चालान किया गया और करीब सात घंटे बाद देर रात लगभग 11 बजे मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया।

हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में कुणाल, दुर्गेश यादव, विवेक सिंह, आनंद यादव, गोलू यादव, विकास यादव, अखिलेश पांडेय, अभिषेक यादव, विवेक यादव और मोहित यादव समेत करीब 15 लोग शामिल थे। RSS के कार्यक्रम स्थल के पास से इन सभी छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

छात्र नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय सपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के देर तक कोतवाली नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी रही। करीब सात घंटे बाद रात नौ बजे पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक नफीस अहमद, विधायक संग्राम यादव, विधायक अखिलेश यादव, जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, विधायक बेचई सरोज समेत पार्टी के अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी शहर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने छात्र नेताओं से मुलाकात की और पुलिस से उनकी रिहाई को लेकर बातचीत की।

रात करीब 11 बजे शांति भंग की कार्रवाई में चालान किए गए सभी छात्र नेताओं को मुचलके पर छोड़ दिया गया। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्थानीय पार्टी नेतृत्व के देर से पहुंचने पर खुलकर नाराजगी जताई।

छात्र नेता विवेक सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव के लिए हज़ार जवानी कुर्बान है,” लेकिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय नेताओं के देर से पहुंचने पर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि संघर्ष के समय कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना नेतृत्व की जिम्मेदारी है।

वहीं दुर्गेश यादव ने भी स्थानीय पार्टी नेताओं के देर से पहुंचने पर कटाक्ष किया। छात्र नेताओं का कहना था कि पार्टी और विचारधारा के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को मुश्किल समय में नेतृत्व के साथ की जरूरत होती है।

कुलपति के पहुंचने पर शुरू हुआ था विरोध
आरएसएस की ओर से हरिऔध कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. संजीव कुमार मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इसकी जानकारी पर समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध करने लगे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने से बचना चाहिए।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से दूर रखने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें शहर कोतवाली लाकर शांति भंग में चालान किया गया। बाद में मुचलका भरवाने की प्रक्रिया पूरी होने पर सभी को देर रात रिहा कर दिया गया।

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