
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारी, अभिभावक की सहमति से होगा टीकाकरण, यू-विन पोर्टल पर करा सकेंगे पंजीकरण
हिंदी न्यूज़ 24 शैलेश कुमार सिंह
बलरामपुर। बेटियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए जिले में 3 से 17 सितंबर तक एचपीवी टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 14 वर्ष की उन बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है और अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। टीकाकरण के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति जरूरी होगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान का लाभ उठाते हुए पात्र बेटियों का एचपीवी टीकाकरण जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर कराया गया एचपीवी टीकाकरण भविष्य में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इन केंद्रों पर लगेगा टीका
जिले में एचपीवी टीकाकरण की सुविधा जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उपकेंद्रों और अन्य टीकाकरण एवं आरआई केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। सामान्य टीकाकरण सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेंगे।
अभिभावक यू-विन पोर्टल के माध्यम से स्वयं पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण में किसी तरह की परेशानी होने पर आशा कार्यकर्ता या अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद ली जा सकती है। टीकाकरण केंद्र पर पहुंचकर भी पंजीकरण की सुविधा मिलेगी। टीका लगने के बाद यू-विन पोर्टल से डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया जा सकेगा।
टीका लगने के बाद 30 मिनट रुकना होगा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज ने बताया कि एचपीवी टीका सुरक्षित है। बच्ची को टीका लगवाने से पहले हल्का भोजन या नाश्ता कराने की सलाह दी गई है। टीकाकरण के बाद करीब 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र पर रुकना होगा, ताकि स्वास्थ्यकर्मी बच्ची का सामान्य अवलोकन कर सकें।
उन्होंने बताया कि टीका लगने के बाद बांह में हल्का दर्द, सूजन या हल्का बुखार जैसी सामान्य परेशानी हो सकती है। वहीं, जिन बालिकाओं को पहले ही एचपीवी का टीका लग चुका है, उन्हें दोबारा टीका लगवाने की जरूरत नहीं है।
जागरूकता में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही हैं। सीएमओ ने अपील की कि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे। अभिभावक अपनी पात्र 14 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण कराकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।