खाते में पैसा आया नहीं, दिखा दी बैंक की पर्ची और करा लिया जमीन का बैनामा

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बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर खुला कथित फर्जीवाड़ा, जाली हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप
आजमगढ़। खाते में रकम जमा होने की फर्जी बैंक पर्ची दिखाकर जमीन का बैनामा कराने का आरोप लगाते हुए फूलपुर थाने में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि कूटरचित बैंक जमा पर्ची और जाली हस्ताक्षर को असली बताकर शिकायतकर्ता को विश्वास में लिया गया। बाद में बैंक स्टेटमेंट की जांच कराने पर पर्ची में दर्शाई गई रकम खाते में जमा नहीं मिली। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


फूलपुर थाना क्षेत्र के अदपुर गांव निवासी मोहम्मद आमिक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की फूलपुर शाखा में खाता है। आरोप है कि 16 फरवरी 2026 को सुहैल अहमद ने उन्हें बैंक की एक जमा पर्ची दी। पर्ची दिखाकर बताया गया कि उनके खाते में धनराशि जमा कर दी गई है। उस समय सुहैल के साथ हारिश भी मौजूद था। दोनों ने रकम खाते में जमा होने की बात कहकर उन्हें भरोसे में लिया।


बैंक स्टेटमेंट से सामने आया मामला
शिकायतकर्ता के मुताबिक बाद में उन्हें लेनदेन पर संदेह हुआ। उन्होंने यूनियन बैंक की फूलपुर शाखा में इसकी जांच कराई और अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट में कथित जमा पर्ची में दर्शाई गई धनराशि खाते में जमा नहीं मिली। बैंक से जांच कराने पर पर्ची को फर्जी बताए जाने की बात तहरीर में कही गई है। शिकायतकर्ता ने पर्ची पर किए गए हस्ताक्षर भी जाली होने का आरोप लगाया है।


भरोसे में लेकर कराया बैनामा
तहरीर के अनुसार आरोपियों ने कथित फर्जी बैंक जमा पर्ची को वास्तविक बैंक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया। जाली हस्ताक्षर को भी असली बताया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन दस्तावेजों पर विश्वास कर उन्होंने आरोपियों के पक्ष में जमीन का बैनामा कर दिया। बाद में बैंक से जानकारी मिलने पर उन्हें कथित फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।


राजस्व न्यायालय की कार्यवाही प्रभावित करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को लेकर राजस्व न्यायालय में कार्यवाही चल रही थी और अगली सुनवाई 27 अगस्त 2026 को निर्धारित थी। इसके बावजूद आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर गलत तथ्यों और दस्तावेजों को प्रस्तुत कर न्यायालय की कार्यवाही को प्रभावित किया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 18 अगस्त 2026 को ही मुकदमे का फैसला करा लिया गया, जबकि सुनवाई की तारीख बाद की थी।


पांच धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
फूलपुर थाने में 28 अगस्त 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) लगाई गई हैं। नामजद आरोपियों में सुहैल अहमद निवासी सदरपुर बरौली और हारिश निवासी मुंडियार, फूलपुर शामिल हैं। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दिनेश कुमार त्रिपाठी को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से बैंक के रिकॉर्ड, मूल जमा पर्ची, बैंक स्टेटमेंट, संबंधित बैनामा और राजस्व न्यायालय की पत्रावली की जांच कराने की मांग की है। साथ ही जमा पर्ची पर किए गए हस्ताक्षर और अन्य दस्तावेजों की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए हस्तलेख विशेषज्ञ या विधि-विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराने का अनुरोध किया है।

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