
सादगी और जनसेवा की मिसाल रहे वरिष्ठ सपा नेता, पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं निजामाबाद विधानसभा से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आज़मी को गुरुवार को हजारों नम आंखों के बीच अंतिम विदाई दी गई। कुर्मी टोला स्थित आवास से निकली उनकी अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। खराब मौसम भी लोगों की श्रद्धा को नहीं रोक सका। अंतिम यात्रा मुकेरीगंज स्थित जामेतुर्शाद कब्रिस्तान पहुंची, जहां उन्हें पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

92 वर्षीय आलमबदी आज़मी का बुधवार देर रात उनके आवास पर निधन हो गया था। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और लखनऊ में इलाज के बाद घर पर चिकित्सकीय निगरानी में थे।
अंतिम यात्रा में सांसद धर्मेंद्र यादव, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, संग्राम यादव, नफीस अहमद, विधान परिषद सदस्य बलराम यादव, पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।

आलमबदी आज़मी अपनी सादगी, ईमानदारी और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। साधारण कुर्ता-पायजामा और हवाई चप्पल में रहने वाले आज़मी का आवास हमेशा आम लोगों के लिए खुला रहता था।

16 मार्च 1936 को आजमगढ़ के बिंदवल गांव में जन्मे आलमबदी आज़मी ने इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। वर्ष 1989 में मुस्लिम लीग के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़कर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल होकर 1996, 2002, 2012, 2017 और 2022 में निजामाबाद से विधायक चुने गए।
उनके निधन से आजमगढ़ की राजनीति ने एक ऐसे जननेता को खो दिया, जिनकी पहचान पद और प्रभाव से अधिक सादगी, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण के लिए थी।