श्रावण मास की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा, भंवरनाथ मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

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भंवरनाथ मंदिर में तैयारियों की समीक्षा, यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर दिए निर्देश


आजमगढ़। आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने रविवार को मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल और पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह के साथ भंवरनाथ मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर और कांवड़ यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित एवं सुगम बनाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


अफवाह, मिलावट और ओवररेटिंग पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने, अफवाह फैलाने, खाद्य पदार्थों में मिलावट, ओवररेटिंग और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कर निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मांस-मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। वहीं डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा।


गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी
भंवरनाथ मंदिर रोड पर दुकानों के सामने गंदगी और प्लास्टिक की बोतलें मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दुकानदारों को दुकान के बाहर डस्टबिन रखने और नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को भी स्वच्छता व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के लिए कहा गया।


भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पार्किंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, एंबुलेंस और चिकित्सा सेवाएं सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ शिविरों का नियमित निरीक्षण करने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

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