उधार दवा-नकदी लेकर दिया 5.40 लाख का चेक, खाते में रकम नहीं

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तकादा करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप, कोतवाली में मुकदमा दर्ज

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में दवा की खरीद के नाम पर लाखों रुपये उधार लेने और भुगतान के लिए दिया गया चेक बाउंस होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता विकास रंजन गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अजय चौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर संख्या 0461 आठ सितंबर 2026 को कोतवाली में दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(3) लगाई गई है।
एफआईआर के मुताबिक, शहर के कुर्ती टोला निवासी विकास रंजन गुप्ता चौक आजमगढ़ में दवा की दुकान संचालित करते हैं। तहरीर में बताया गया है कि हरैया निवासी अजय दवाइयां खरीदने के सिलसिले में उनकी दुकान पर आता था। इसी दौरान उसने अपने परिजनों की बीमारी, गरीबी और इलाज की मजबूरी का हवाला देते हुए वर्ष 2024 से काफी मात्रा में दवाइयां उधार लीं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अजय ने दवा और नकदी मिलाकर कुल 5.50 लाख रुपये उधार ले लिए।
भुगतान के नाम पर दिया 5.40 लाख का चेक
तहरीर के अनुसार कर्ज की वापसी के लिए बार-बार तकादा करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में 13 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने शिकायतकर्ता को 5.40 लाख रुपये का चेक संख्या 053790, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा हीरा पट्टी, आजमगढ़ का दिया। शिकायतकर्ता ने जब चेक अपने खाते में जमा कर भुगतान हासिल करने का प्रयास किया तो खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने की जानकारी सामने आई।
तकादा किया तो धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चेक के भुगतान के लिए अजय से संपर्क करने पर वह लगातार टालमटोल करता रहा। नाराज होकर उसने मारपीट और झगड़ा करने की नीयत से जान से मारने की धमकी भी दी। तहरीर में कहा गया है कि इससे शिकायतकर्ता को उसकी नीयत पर संदेह हुआ। आरोप है कि आरोपी ने भुगतान करने का भरोसा देकर धोखे से 5.40 लाख रुपये हड़पने की नीयत से चेक दिया।
पहले भी पुलिस से की थी शिकायत
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने 22 जनवरी 2026 को पुलिस कप्तान आजमगढ़ को रजिस्टर्ड शिकायत भेजी। दस्तावेज में न्यायालय से संबंधित प्रार्थना-पत्र और अन्य कागजात संलग्न किए जाने का भी उल्लेख है। न्यायालयीय आदेश के बाद आठ सितंबर 2026 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामला दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। एफआईआर में उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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