
दिवंगत विधायक के योगदान को किया याद, बोले— विधायिका की गरिमा का सम्मान सर्वोपरि
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना रविवार को आजमगढ़ पहुंचे और दिवंगत समाजवादी पार्टी के विधायक आलमबदी के आवास पर पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने दिवंगत विधायक के लंबे राजनीतिक जीवन, सादगी और विधानसभा में उनके योगदान को याद किया।
महाना ने कहा कि आलमबदी निजामाबाद से पांच बार विधानसभा के सदस्य रहे। वर्ष 1996 में पहली बार चुनाव जीतने के बाद एक कार्यकाल को छोड़कर लगातार विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह अपने समय के एक शिक्षित और समर्पित जनप्रतिनिधि थे।
उन्होंने बताया कि विधायक के निधन की सूचना रात में मिली थी और वह अगले ही दिन आजमगढ़ आना चाहते थे, लेकिन कुछ कारणों से नहीं आ सके। इस दौरान उनकी विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और दिवंगत विधायक के परिजनों से बातचीत भी हुई थी।
विधानसभा अध्यक्ष बनने पर बनाया था इंजीनियरों का ग्रुप
सतीश महाना ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पेशे के आधार पर इंजीनियर विधायकों का एक समूह बनाया था। आलमबदी का नाम भी उसमें शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पर आलमबदी ने मुस्कुराते हुए कहा था कि वह अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई को भूल चुके थे और उन्हें फिर से याद दिलाया गया। महाना ने उन्हें बेहद विनम्र और सकारात्मक व्यक्तित्व का धनी बताया।
‘विधायिका की गरिमा का सभी को सम्मान करना चाहिए’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिवंगत विधायक किसी विवाद में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को विधायिका की गरिमा का सम्मान करना चाहिए। जीवन की लंबाई नहीं, बल्कि व्यक्ति ने समाज और लोकतंत्र के लिए कैसे कार्य किया, यही अधिक महत्वपूर्ण होता है।
इस दौरान सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, नफीस अहमद और अखिलेश यादव भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद रहे।