
नन्हे-मुन्नों के देशभक्ति नृत्य ने मोहा मन, ‘मेड इन इंडिया’ फैशन शो रहा आकर्षण का केंद्र
आजमगढ़। सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा और कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य ने संयुक्त रूप से तिरंगे को सलामी दी। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने ध्वज गीत और देशभक्ति नारों से विद्यालय परिसर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। प्रबंधन समिति के सदस्यों ने देशभक्तों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर शानदार समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इंडिया डाइवर्सिटी थीम पर आधारित ‘मेड इन इंडिया’ फैशन शो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। बच्चों की प्रस्तुतियों पर शिक्षकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व बताया गया। विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों, तिरंगे की रंगत और राष्ट्रभक्ति के गीतों से गूंजता रहा। बच्चों में देश के प्रति सम्मान और गर्व की भावना साफ दिखाई दी।
एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव या अवकाश का दिन नहीं, बल्कि उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनकी वजह से देश आजाद हुआ। उन्होंने कहा कि विद्यालय की जिम्मेदारी केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, अनुशासित और देशभक्त नागरिक बनाना भी उसका प्रमुख उद्देश्य है।
समापन पर सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, किशन यादव, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, आरोही मोदनवाल समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।