
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने फहराया तिरंगा, 32 उत्कृष्ट कर्मियों को मिला सम्मान; देशभक्ति प्रस्तुतियों ने भावुक किया
आजमगढ़। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिऔध कला केंद्र के प्रांगण में जनपद स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद वंदे मातरम और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ।
कारागार मंत्री ने कहा कि तिरंगे की आन-बान-शान और देश की आजादी के लिए असंख्य क्रांतिकारियों, महापुरुषों और जननायकों ने अपना बलिदान दिया। उन्हीं के संघर्ष और बलिदान की बदौलत आज हम खुले आसमान में स्वतंत्रता की सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के मूल्यों और आदर्शों को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आजमगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि जिले की धरती ने भी आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का लखनऊ में निर्माण शुरू होने और ऑपरेशन सिंदूर में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। युवाओं की शक्ति का सदुपयोग कर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा किया जा सकता है।
32 लोगों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो से किया सम्मानित
सामाजिक एवं शासकीय सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 32 लोगों को कारागार मंत्री, मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी, एसएसपी एवं सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। सम्मानित लोगों ने कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए आजमगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंडलायुक्त विवेक ने कहा कि राष्ट्र और स्वतंत्रता एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्र राष्ट्र में ही मानवीय मूल्यों और आदर्शों की स्थापना होती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए युवाओं से आजादी के मूल्यों और आदर्शों को अपनाने की अपील की। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने आजमगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 से 1947 तक जिले के लोगों ने विभिन्न आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि देश को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की भावना से कार्य करना ही स्वतंत्रता दिवस की सार्थकता है। उन्होंने संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने किया भावुक
समारोह में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने देशभक्ति सामूहिक नृत्य से स्वतंत्रता के मूल्यों को रेखांकित किया। कंपोजिट विद्यालय सरायमीर के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सैन्य बलिदान पर आधारित जीवंत नाटक और परेड प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
वहीं जीजीआईसी आजमगढ़ की छात्राओं ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गीत की मार्मिक प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। अतिथियों और उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जमकर सराहना की।
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, जनपद स्तरीय अधिकारियों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।