सरयू का रौद्र रूप: खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, तटवर्ती गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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पांच स्थानों पर नाव लगने के बाद भी ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं, नाव तक पहुंचने और उतरने के बाद घुटने भर पानी में चलने की मजबूरी

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रौनापार क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। नदी का पानी अब गांवों और संपर्क मार्गों में घुसने लगा है। इससे जहां ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी बढ़ गई है, वहीं पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

नौका के बाद भी घुटने भर पानी में सफर
रौनापार क्षेत्र के दाममहुल्ला, सहबदिया, परसिया, चक हाजीपुर, बुढ़न पट्टी, बांका, अभनपट्टी, मानिकपुर और सोनौरा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। संपर्क मार्ग डूबने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की ओर से पांच स्थानों पर नाव लगाई गई हैं, लेकिन ग्रामीणों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। नाव तक पहुंचने और नाव से उतरने के बाद भी उन्हें घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

बीमार महिला को दवा लेने के लिए करना पड़ा पानी पार
सोनौरा निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि गांव से करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर नाव तक पहुंचना पड़ रहा है। नाव से उतरने के बाद भी पानी में चलना पड़ता है। उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने के बावजूद रौनापार बाजार से दवा लेने जाना मजबूरी है।

महाजी देवारा निवासी मनौती देवी ने बताया कि बाढ़ के दौरान बुजुर्गों और बच्चों के बीमार होने पर सबसे अधिक परेशानी होती है। समय पर इलाज के लिए उन्हें पानी और नाव के सहारे बाहर जाना पड़ता है।

सोनौरा-जमुवारी मार्ग पर पुल की मांग
ग्रामीणों ने सोनौरा-जमुवारी मार्ग पर पुल निर्माण की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की है। उनका कहना है कि बारिश और बाढ़ के दौरान यह मार्ग जलमग्न हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मच्छररोधी दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव
बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए ब्लॉक कर्मियों की ओर से मच्छररोधी दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीणों को भी जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

1300 बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
प्रशासन की ओर से रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 1300 लोगों को राहत सामग्री के किट वितरित किए गए। वर्मा श्याम दुलारी डिग्री कॉलेज, नई बस्ती रौनापार में एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय और भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक वंदना सिंह ने आराजी अजगरामगर्वी और देवरा खास राजा के ग्रामीणों को राहत किट बांटे।

वहीं सहदेवगंज के मल्लहपुरवा गांव में एसडीएम सगड़ी और तहसीलदार नवीन निश्चल त्रिपाठी ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। तीनों गांवों में कुल 1300 लोगों को राहत किट दिए गए।

सरयू का जलस्तर 71.79 मीटर पहुंचा
मुख्य माप स्थल बदरहुआ नाला पर शनिवार सुबह सरयू नदी का जलस्तर 71.62 मीटर दर्ज किया गया था। रविवार सुबह आठ बजे इसमें 17 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और जलस्तर 71.79 मीटर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 71.68 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

डिघिया नाले पर शनिवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 71.01 मीटर था, जो रविवार सुबह 12 सेंटीमीटर बढ़कर 71.13 मीटर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 70.40 मीटर है। यानी नदी यहां खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

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