
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगा निशुल्क नेत्र शिविर, 175 से अधिक मरीजों की हुई जांच, दवाएं बांटीं और जरूरतमंदों को दिए चश्मे
हिंदी न्यूज़ 24
लाटघाट। सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांगेपुर मठिया स्थित अंबेडकर चौक, महुला गढ़वल बांध पर शनिवार को निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। रमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, नरौली आजमगढ़ के समाजसेवी डॉ. अमित सिंह के सौजन्य से आयोजित शिविर में 175 से अधिक मरीजों की आंखों की जांच की गई। मरीजों को निशुल्क दवाएं वितरित करने के साथ ही जरूरतमंदों को चश्मे भी दिए गए।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज सिंह ने मरीजों की जांच की। उन्होंने बताया कि शिविर में सबसे अधिक मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज मिले। इसके अलावा नजदीक की वस्तुएं स्पष्ट न दिखाई देना, आंखों में माड़ा, पुरानी चोट, जलन, खुजली और कीचड़ आने जैसी समस्याओं से पीड़ित लोग भी जांच कराने पहुंचे।
डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल और टीवी का अत्यधिक इस्तेमाल आंखों की रोशनी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। खासकर बच्चों में लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने से कम उम्र में ही आंखों से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल के इस्तेमाल से दूर रखने की अपील की।
बाढ़ प्रभावित इलाके के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण नेत्र जांच कराने शिविर में पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि आजमगढ़ मुख्यालय की दूरी करीब 40 से 50 किलोमीटर होने के कारण जांच कराने जाने में आने-जाने का खर्च ही करीब 200 रुपये हो जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इसके अलावा जांच और दवा का खर्च उठाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में गांव में ही निशुल्क नेत्र जांच और दवा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।
डॉ. अमित सिंह ने कहा कि सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के सरयू नदी तटवर्ती गांवों के लोगों की जरूरत को देखते हुए निशुल्क नेत्र शिविर लगाए जा रहे हैं। विभिन्न शिविरों के माध्यम से अब तक करीब एक हजार जरूरतमंद लोगों का निशुल्क नेत्र परीक्षण और उपचार किया जा चुका है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि घाघरा नदी के किनारे बसे उत्तरी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना उनका मिशन है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मोतियाबिंद, आंखों में माड़ा, जलन, खुजली और कम दिखाई देने जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से निशुल्क जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिविर में गांगेपुर, मठिया, परसिया, भदवार, बलुवा, कुढ़वा, गांधीनगर और जहदर सहित विभिन्न गांवों से आए 175 से अधिक लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया। मरीजों को आवश्यक दवाएं और उपचार उपलब्ध कराया गया।
शिविर में सूबेदार, रामशरण, थनाजी, शोभा, वीरेंद्र, बहादुर, मतलब, दिनेश, किस्मती, रामवृक्ष, बाली, मोहम्मद असलम, कवलधिरी, सुदर्शन, गिरिजा, किशन, सौदागर, राजेश यादव, गुलाब साहनी, सोनमती, दीपचंद, ओमप्रकाश आदि की जांच कर दवा दी गई।