
दो महिलाओं ने घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता, कपड़े फाड़ने और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का लगाया आरोप, नेता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। अतरौलिया थाना क्षेत्र के देवीगंज बाजार (लोहरा) में दरवाजे के सामने वाहन खड़ा करने को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार रात फिर तूल पकड़ गया। दो महिलाओं ने सुभासपा के प्रदेश महासचिव रमेश गौड़ समेत चार लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता, कपड़े फाड़ने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पीड़िताओं ने रविवार को थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की।
गांव निवासी सरिता गौड़ पत्नी अनूप गौड़ और उनकी जेठानी पूजा गौड़ पत्नी विनोद गौड़ का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोग आए दिन उनके दरवाजे के सामने वाहन खड़ा कर देते हैं। वाहन हटाने को कहने पर विवाद और गाली-गलौज होती थी।
महिलाओं के मुताबिक, पांच सितंबर की रात करीब नौ बजे रमेश गौड़, उनके पिता बैजू उर्फ बैजनाथ गौड़, पुत्र विकास गौड़ और पत्नी चिंता गौड़ उनके दरवाजे पर पहुंचे और विवाद करने लगे। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की गई। विरोध करने पर उन्हें हाथ पकड़कर घसीटा गया और कपड़े भी फाड़ दिए गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची।
सरिता गौड़ ने आरोप लगाया कि छह सितंबर की सुबह करीब चार बजे शौच के लिए जाते समय उन्हें रास्ते में घेरकर अभद्रता करने का प्रयास किया गया। शोर मचाने पर ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। महिलाओं ने छीना-झपटी में कपड़े फटने, चूड़ियां टूटने और चोट लगने की बात भी कही है।
वहीं, सुभासपा नेता रमेश गौड़ ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि उनकी गाड़ी उनके घर में ही खड़ी होती है। कभी-कभी गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर विवाद हो सकता है, लेकिन महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं।
थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि महिलाओं की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।