
पूर्णिमा सिंह का आरोप- शादी के बाद पति की असली पहचान की जानकारी हुई, तीन बच्चों की मां ने पति के खिलाफ जीयनपुर थाने में दी तहरीर
लखनऊ में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है आरोपी, पति के घरवालों पर भी हिस्सा देने से इनकार करने का आरोप
आजमगढ़। पति पर कथित तौर पर नाम बदलकर शादी करने और अपनी पहचान छिपाने का आरोप लगाते हुए महिला ने जीयनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का कहना है कि उसके पति ने शादी के समय अपना नाम बदलकर उसे अपने झांसे में लिया था। वर्तमान में पति लखनऊ के एक हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। महिला ने पति के खिलाफ नाम बदलकर शादी करने के संबंध में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घोसी थाना क्षेत्र के पिढ़वां तारा गांव निवासी पूर्णिमा सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2014 में जीयनपुर थाना क्षेत्र के बागखालिस गांव निवासी एक युवक से हुई थी। महिला के मुताबिक, पति ने अपना नाम वीर प्रताप सिंह बताकर उससे शादी की थी। बाद में उसे पति की वास्तविक पहचान के संबंध में जानकारी हुई।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति के खिलाफ लखनऊ कमिश्नरेट के महानगर थाने में वर्ष 2026 में धारा 302 और 307 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और वह लखनऊ जेल में सजा काट रहा है।
पति के घर पहुंची तो सामने आया विवाद
तहरीर के अनुसार, 25 अगस्त को पूर्णिमा अपने पति के घर बागखालिस गांव पहुंची थी। वहां पति के चाचा रेहान ने उससे मोबाइल पर बातचीत की। महिला ने अपने हिस्से की संपत्ति के संबंध में बात की तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि गलती से उनका नाम चढ़ गया है और वह जब चाहे अपना हिस्सा ले सकती है। महिला का आरोप है कि पति के घरवालों ने बाद में हिस्सा देने से इनकार कर दिया।
महिला ने पुलिस से पति के खिलाफ नाम बदलकर शादी करने के संबंध में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। तहरीर के आधार पर जीयनपुर थाने में 28 अगस्त की रात मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनय कुमार सहाय को सौंपी गई है।