
प्लॉटिंग के लिए जमीन दिखाकर 12 लाख रुपये लेने का आरोप, रजिस्ट्री के नाम पर करते रहे टालमटोल
आजमगढ़। जमीन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में अहरौला पुलिस ने शोभनाथ सेठ और सुधीर सेठ के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है। आलमपुर गांव निवासी नरेंद्र नाथ सिंह की तहरीर पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्लॉटिंग के लिए दिखाई जमीन, चार लाख रुपये बिस्वा में तय हुआ सौदा
एफआईआर में नरेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि मतलूबपुर निवासी शोभनाथ सेठ और सुधीर सेठ प्लॉटिंग का काम करते हैं। दोनों ने उन्हें अहरौला थाने के पीछे जमीन दिखाई। गाटा संख्या 24 और 25 में जमीन दर्ज होने की बात बताते हुए उसे खरीदने का प्रस्ताव दिया गया। बातचीत के बाद जमीन का सौदा चार लाख रुपये प्रति बिस्सा की दर से तय हुआ।
दो लाख नकद और 10 लाख रुपये खाते में भेजे
शिकायतकर्ता के अनुसार सौदा तय होने के बाद उसने एक मार्च 2018 को दो लाख रुपये नकद बतौर बयाना दिया। इसके बाद पांच मार्च 2018 को एक फर्म के खाते से 10 लाख रुपये कृष्णा मोटर्स के खाते में भेजे गए। आरोप है कि रकम देने के बाद जब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया तो दोनों आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।
दूसरे की जमीन अपनी बताकर रुपये लेने का आरोप
नरेंद्र नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि बाद में मौके के कुछ लोगों से जानकारी मिली कि जिस जमीन को खरीदने के लिए उन्होंने शोभनाथ को रुपये दिए थे, वह उनकी जमीन नहीं थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच कराने पर भी जमीन शोभनाथ की ही बताई गई। आरोप है कि दोनों ने साजिश के तहत कूटरचित तरीके से दूसरे की जमीन को अपनी बताकर उनसे 12 लाख रुपये ठग लिए।
रुपये मांगने पर मारपीट और धमकी देने का आरोप
तहरीर में नरेंद्र नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो शोभनाथ सेठ और सुधीर सेठ ने उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। आरोप है कि दोनों ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
उप निरीक्षक उमाकांत शुक्ला को सौंपी गई विवेचना
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उप निरीक्षक उमाकांत शुक्ला को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।