
नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबे नरेंद्र राजभर, गोताखोरों की मदद से निकाला गया शव
बलरामपुर। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बसही गांव में बुधवार सुबह पोखरे में नहाने गए 55 वर्षीय मजदूर की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम छा गया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को पोखरे से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पल्हना पुलिस चौकी क्षेत्र के बसही गांव निवासी नरेंद्र राजभर (55) पुत्र शिवधनी राजभर बुधवार करीब 11 बजे अपने पट्टीदार काशी राजभर की पत्नी बंसराजी राजभर की मृत्यु के बाद घाट नहाने गए थे। परिवार और गांव के अन्य लोग इंडिया मार्का हैंडपंप पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान नरेंद्र कुछ दूरी पर स्थित पोखरे में नहाने चले गए। ग्रामीणों ने उन्हें पोखरे में जाने से मना किया, लेकिन वह नहीं माने।
बताया गया कि तीन बच्चे भी उनके पीछे-पीछे पोखरे तक पहुंच गए। पोखरा काफी गहरा था। नरेंद्र पानी में उतरने के बाद कुछ दूर आगे बढ़े तो डूबने लगे। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक नरेंद्र पानी में डूब चुके थे। ग्रामीणों ने काफी तलाश की, मगर शव का पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना पर देवगांव कोतवाल सुनील कुमार सिंह और पल्हना चौकी प्रभारी संदीप दुबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से काफी प्रयास के बाद नरेंद्र का शव पोखरे से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मजदूरी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
नरेंद्र राजभर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पत्नी शिमला राजभर, पुत्री अर्चिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। घटना के बाद से गांव में भी शोक का माहौल है।