
क्षमता निर्माण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए प्रभावी शिक्षण, कक्षा प्रबंधन और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के टिप्स
आजमगढ़। जी.डी. ग्लोबल स्कूल, करतालपुर बाईपास में बुधवार को क्षमता निर्माण कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) के अंतर्गत शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करना, उन्हें नवीन शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना तथा कक्षा-कक्ष में प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना रहा।

कार्यशाला में दो प्रतिष्ठित रिसोर्स पर्सन ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता से शिक्षकों को लाभान्वित किया। रियो वर्ल्ड अकैडमी, आजमगढ़ की प्रधानाचार्या डॉ. अपर्णा सिंह तथा डॉ. अमृतलाल इशरात मेमोरियल सनबीम स्कूल, वाराणसी के प्रधानाचार्य तरुण रूपानी ने शिक्षकों को संबोधित किया।
विशेषज्ञों ने प्रभावी शिक्षण, कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझने तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक और परिणामपरक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। दोनों रिसोर्स पर्सन ने संवादात्मक सत्र के दौरान शिक्षकों के प्रश्नों का उत्तर दिया और विभिन्न शैक्षणिक परिस्थितियों से जुड़े व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए।

विद्यालय की निदेशिका स्वाती अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों का निरंतर सीखते रहना ही शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। ऐसे क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों को नई दृष्टि, नवीन विचार और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास आवश्यक है। इस प्रकार की कार्यशालाएं बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप शिक्षकों को स्वयं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यकारी निदेशक श्रीश अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय का प्रयास ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां शिक्षक और विद्यार्थी दोनों निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ सकें। विशेषज्ञों के अनुभव और मार्गदर्शन से शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाने की प्रेरणा मिलेगी।
प्रधानाचार्या एवं वेन्यू डायरेक्टर दीपाली भुस्कुटे ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है। इसलिए शिक्षकों का प्रशिक्षण और क्षमता विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यशाला के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से दोनों रिसोर्स पर्सन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। आयोजकों ने कहा कि इस कार्यशाला से शिक्षकों में सीखने की नई ऊर्जा और शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने का उत्साह पैदा हुआ है।