औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी, वेतन रोकने का निर्देश

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  • सीएमओ ने किया जन आरोग्य मेले का औचक निरीक्षण
  • जन आरोग्य मेले में 1792 मरीज का हुआ इलाज
    आजमगढ़। आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ आर एन वर्मा ने इस दौरान विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कई स्वास्थ्य कर्मी व चिकित्सक अनुपस्थित मिले। जिनका वेतन रोकने व 2 दिनों में स्पष्टीकरण देने का निर्देश सीएमओ ने दिया। जन आरोग्य मेले के दौरान 1792 मरीज का इलाज किया गया।

सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान पीएचसी माहुल, पीएचसी शाहपुर, पीएचसी भदवारा और सीएचसी अहरौला की स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा किया। पीएचसी माहुल में संबद्ध चिकित्सक ड्यूटी से अनुपस्थित मिले, जबकि अन्य कर्मचारी उपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सीएमओ ने संबंधित चिकित्सक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने तथा दो कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में नियमित वार्ड ब्वाय मिथुन उपाध्याय भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने उनका वेतन भी अग्रिम आदेश तक रोकने के साथ दो कार्यदिवस में स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
भदवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट, एएनएम, नर्स एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले और मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलती पाई गईं। निरीक्षण के अंतिम चरण में सीएमओ ने सीएचसी अहरौला का जायजा लिया गया। अवकाश होने के कारण नियमित ओपीडी बंद थी, लेकिन आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से संचालित मिलीं। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित पाए गए, जिस पर सीएमओ ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के तहत सभी 76 केंद्रों पर सफलतापूर्वक स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गए। इन मेलों में 1792 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 786 पुरुष, 810 महिलाएं और 196 बच्चे शामिल रहे। बेहतर उपचार के लिए 9 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया तथा 35 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए गए।

“सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ आर एन वर्मा, सीएमओ, आजमगढ़

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