


- प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक एमएलसी का किया जोरदार स्वागत
- शिक्षक सदन के भोला सिंह सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम
आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना और विभागीय सेवारत टीईटी को मंजूरी दिए जाने के बाद शिक्षक समुदाय में भारी उत्साह है। इस बड़ी सफलता के सूत्रधार रहे स्नातक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का रविवार को जिले के शिक्षकों ने भव्य स्वागत किया।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में रविवार को शिक्षक सदन के ‘भोला सिंह सभागार’ में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्नातक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार तिवारी और प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर सिंह का शिक्षकों ने स्वागत किया। इस दौरान अतिथियों को अंगवस्त्रम भेट करने के साथ ही माल्यार्पण भी किया गया। स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके इस भगीरथ प्रयास के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि स्नातक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवारत प्राथमिक शिक्षकों को विभागीय टेट की परीक्षा कराकर सभी को सेवा में बनाए रखने का जो ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिया है, वह सराहनीय है। इसके साथ ही सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का तोहफा देकर सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है। शिक्षकों के लिए सरकार की ये उपलब्धियां वाकई बेमिसाल हैं, इसलिए यह सदन मुख्यमंत्री का सहर्ष अभिनंदन करता है।
शिक्षकों के उत्साह को दोगुना करते हुए एमएलसी देवेंद्र सिंह ने एक और बड़ा भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर भी वे लगातार शासन स्तर पर प्रयासरत हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में भी शिक्षकों को बड़ी सफलता मिलेगी।
इस अवसर पर उमाशंकर सिंह, जितेंद्र कुमार राय, राजेंद्र यादव, मंजूलता राय, प्रियंका श्रीवास्तव, कंचन मौर्या, उपेंद्र दत्त शुक्ला, राजेश सिंह, अखिलेश तिवारी, प्रमोद लाल श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिंह, केदारनाथ वर्मा, राकेश सिंह, हरिप्रसाद सिंह, अजय सिंह, अवधराज सिंह, मनोज सिंह, संतोष राय, वकील मौर्या, शोभनाथ, हरेंद्र यादव, सुदेश राय, विनोद यादव, शिव प्रकाश चौबे, पी.एन सिंह, धनंजय सिंह, रामाशीष राय, कृपा शंकर राय, श्याम बिहारी पाठक आदि शिक्षक मौजूद रहे।