सिधारी थाने में दर्ज हुई एफआईआर, पीड़ित ने दुकान के संचालन और हिस्सेदारी के नाम पर रकम लेने का लगाया आरोप
आजमगढ़। पार्टनर बनाकर दुकान के कारोबार में हिस्सेदारी देने के नाम पर 14.35 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस मांगने पर टालमटोल, गाली-गलौज व धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर सिधारी थाने में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, सिधारी थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर निवासी राजेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनका काफी वर्षों से नेवादा, थाना कप्तानगंज निवासी शशि सिंह और रंजीत सिंह से संबंध था। आरोप है कि दोनों ने देशी शराब की दुकान के संचालन के लिए उन्हें पार्टनर बनाने और आधी-आधी हिस्सेदारी देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित ने विश्वास कर 14.35 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों के बताए खाते में भेज दिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दुकान का संचालन शुरू होने के बाद कई महीने बीतने पर भी उन्हें न तो हिस्सेदारी मिली और न ही रकम वापस की गई। जब उन्होंने अपने पैसे की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उनके पिता से रकम मांगने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी भी दी गई।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में जानकारी मिली कि आरोपियों में से एक व्यक्ति पहले भी सिक्योरिटी की रकम निकालने से जुड़े जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शशि सिंह, रंजीत सिंह और राजेंद्र सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर 22 अगस्त 2026 को रात 11:52 बजे दर्ज की गई। मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक रंजन कुमार शॉ को नियुक्त किया गया है।