
एनजीओ के माध्यम से योगा टीचर की नौकरी मामले में दर्ज हुआ एक और मुकदमा, मुख्य आरोपी को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार
आजमगढ़। एनजीओ के माध्यम से योगा टीचर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रकम वसूलने और बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाने के मामले में मंगलवार को एक और मुकदमा पंजीकृत हुआ। मुबारकपुर थाना पुलिस ने संध्या राजभर की तहरीर पर छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुख्य आरोपी रितेश वर्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
नए एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता संध्या राजभर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2025 में रितेश वर्मा, संदीप गुप्ता और उनके सहयोगियों ने एनजीओ के माध्यम से योगा टीचर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके नाम पर उनसे और अन्य अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 1.55 लाख रुपये लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तैयार कर अभ्यर्थियों को अलग-अलग सरकारी स्कूलों में योगा क्लास के नाम पर भेजा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ समय बाद उन्हें जानकारी हुई कि जो ज्वाइनिंग लेटर उन्हें नौकरी के लिए दिए गए थे, वे फर्जी और कूटरचित दस्तावेज हैं। नौकरी नहीं मिलने पर जब अभ्यर्थियों ने अपनी रकम वापस मांगना शुरू किया तो आरोपी फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार कई अन्य अभ्यर्थियों के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की गई।
संध्या कि तहरीर पर पुलिस ने रितेश वर्मा, संदीप गुप्ता, गणेश उपाध्याय, राजेंद्र चौहान, राहुल यादव समेत एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। नामजद आरोपियों में शामिल रितेश वर्मा को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य कि तलाश जारी है।