
ग्रामीणों की सूचना पर पकड़ी गई महिंद्रा वीरोज में लदी 26 बोरी चावल की खेप, जांच में स्टॉक में भी मिली अनियमितता
आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान पुलिस ने महिंद्रा वीरोज वाहन से 26 बोरी चावल बरामद किया। जांच में बरामद चावल सरकारी वितरण प्रणाली का होने की पुष्टि हुई। मामले में पूर्ति निरीक्षक पवई रणधीर कुमार की तहरीर पर हड़िया गांव के उचित दर विक्रेता अशोक कुमार यादव और वाहन मालिक/चालक धीरज कुमार यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, 9 अगस्त की रात हड़िया गांव के कोटेदार अशोक कुमार यादव ने अपनी कोटे की दुकान से 26 बोरी चावल वाहन मालिक/चालक धीरज कुमार यादव को दिए थे। चावल को जहानागंज ले जाने की बात बताई गई थी। ग्रामीणों ने गांव के बाहर वाहन को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना देकर उसे पवई थाने ले आए। वाहन की जांच में 26 बोरी चावल मिला, जिनमें कुछ बोरियों पर फोर्टिफाइड चावल के टैग भी लगे थे। चावल के नमूने लेकर सुरक्षित किए गए और मौके पर तौल कराने पर कुल वजन करीब 16.89 कुंतल पाया गया।
दुकान के स्टॉक की जांच में भी मिली गड़बड़ी
10 अगस्त को पूर्ति निरीक्षकों ने हड़िया ग्राम पंचायत स्थित उचित दर दुकान का निरीक्षण किया। दुकान और गोदाम में मौजूद खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में चावल की मात्रा 91 बोरी और गेहूं की 29 बोरी मिली। विभागीय रिकॉर्ड और ई-पॉस मशीन पर दर्ज आंकड़ों से मिलान करने पर गेहूं में 1.17 कुंतल की कमी और चावल में 3.32 कुंतल की अधिकता पाई गई। चोकर की मात्रा में भी 0.33 कुंतल की कमी मिली।
जांच में 108 राशन कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए गए। इनमें 103 कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने की बात कही। कई कार्डधारकों के अनुसार जुलाई और अगस्त में ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद भी निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं दिया गया। अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाले चावल के संबंध में भी निर्धारित मात्रा और वास्तविक वितरण में अंतर की शिकायत सामने आई।
ई-पॉस मशीन और दूसरे कांटे से घटतौली का आरोप
जांच रिपोर्ट में कार्डधारकों के बयानों के आधार पर आरोप लगाया गया कि ई-पॉस मशीन पर खाद्यान्न की तौल के दौरान ईंट-पत्थर आदि रखकर खाद्यान्न को खारिज किया जाता था और बाद में दूसरे कांटे से घटतौली कर राशन वितरित किया जाता था। जांच में इसे खाद्यान्न की कालाबाजारी के प्रयास से जोड़ा गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों ने माना कि 9 अगस्त को पकड़ा गया 16.89 कुंतल चावल हड़िया गांव की उचित दर दुकान का था और उसे कथित रूप से अवैध कालाबाजारी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद कोटेदार अशोक कुमार यादव और वाहन मालिक/चालक धीरज कुमार यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। साथ ही कोटेदार की उचित दर दुकान का अनुबंध निलंबित करने की संस्तुति की गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक गोपाल जी को सौंपी गई है।