
अस्पताल प्रबंधन ने लगाया मरीजों से नकद रुपये लेने और रकम का हिस्सा अपने पास रखने का आरोप, बैंक खाते की जांच से खुलेगा राज
आजमगढ़। शहर के लक्षिरामपुर स्थित विजय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के आईवीएफ सेंटर में मरीजों से ली जाने वाली रकम को लेकर विवाद सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने महिला कर्मचारी प्रतिमा यादव निवासिनी बद्दोपुर, कोतवाली आजमगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के मुताबिक अस्पताल के प्रबंधक शुभम पांडेय ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अस्पताल में मातृत्व एवं महिला स्वास्थ्य देखभाल के अंतर्गत आईवीएफ सेंटर संचालित है। आरोप है कि प्रतिमा यादव करीब चार वर्षों से आईवीएफ सेंटर से जुड़े कार्य में लगी थीं। आईवीएफ कराने वाले मरीजों से वह नकद रुपये लेकर हेराफेरी कर अस्पताल के बजाये अपने खुद के खाते में जमा कर लेती थी।
शिकायत के अनुसार अस्पताल के पैसे में करती थी हेराफेरी
अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि पिछले कुछ समय से मरीजों से ली गई रकम में से कुछ पैसा काटकर शेष राशि अपने पास रखे जाने की जानकारी सामने आई। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रबंधन ने इसकी जानकारी जुटाई। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रतिमा यादव ने अस्पताल से ली गई रकम को एक बैंक खाते में ट्रांसफर किया।
बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाने की मांग
मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस से संबंधित बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाकर जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। अब पुलिस बैंक खाते में हुए लेनदेन, अस्पताल के रिकॉर्ड और मरीजों से जुड़ी रकम की जानकारी को जांच का हिस्सा बनाएगी।
14 अगस्त की रात दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर के अनुसार कोतवाली में शुक्रवार की रात मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। बैंक खाते के लेनदेन और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीजों से कितनी रकम ली गई और उसमें से कितनी राशि का कथित तौर पर अलग तरीके से इस्तेमाल हुआ।