एसोसिएशन का विरोध पत्र जारी, कहा— 10 वर्षों बाद भी मिली बेहद कम बढ़ोतरी, कर्मचारियों में भारी नाराजगी
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में कार्यरत मंडलीय एवं जनपदीय समन्वयकों तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मानदेय में केवल 10 प्रतिशत वृद्धि किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। मध्याह्न भोजन समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की ओर से बुधवार को जारी खंडन/विरोध पत्र में इस निर्णय को कर्मचारियों के हितों के विपरीत और निराशाजनक बताया गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि वर्ष 2016 के बाद पहली बार मानदेय में वृद्धि की गई है, लेकिन लगभग 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी केवल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करना कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और बढ़ते कार्यभार के बीच इतनी मामूली वृद्धि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में कोई राहत नहीं देगी।
संगठन के अनुसार मंडल एवं जिला स्तर के समन्वयकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। कई बार शासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष मांग उठाने के बावजूद कर्मचारियों को केवल आश्वासन ही मिला, जबकि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
विरोध पत्र में यह भी कहा गया है कि इन कर्मचारियों के वेतन का प्रावधान केंद्र सरकार के मानव संसाधन मद से किया जाता है। ऐसे में राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ का तर्क उचित नहीं है। एसोसिएशन ने सरकार से वर्तमान निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए कर्मचारियों को सम्मानजनक एवं व्यावहारिक मानदेय वृद्धि देने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति भी बनाई जा सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को उनकी वर्षों पुरानी मांगों का न्यायसंगत समाधान करना चाहिए।