
नस अलग करने के दौरान अधिक रक्तस्राव का परिजन कर रहे दावा, अस्पताल प्रशासन ने नकारे आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होंगी मौत की वजह
हिंदी न्यूज़ 24
बलरामपुर। मंडलीय चिकित्सालय में पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती 48 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मृतका सुभावती (48) की ससुराल गोरखपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर मोहल्ले में है, जबकि उनका मायका निजामाबाद कस्बे में है। मृतका के भाई अजय गौड़ के अनुसार सुभावती को पथरी की शिकायत थी। उपचार और ऑपरेशन के लिए उन्हें मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
अजय गौड़ का आरोप है कि महिला का ऑपरेशन चिकित्सक डॉ. संजय कर रहे थे। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक बाहर आए और परिजनों को बताया कि दो नसें आपस में सटी हुई हैं, जिन्हें अलग करना जरूरी है। आरोप है कि नस अलग करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक बिजली चली गई और इसी दौरान नस कट गई। इसके बाद महिला के शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।
परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए तत्काल रक्त की व्यवस्था करने को कहा। परिजन रक्त की व्यवस्था में जुटे थे, इसी दौरान उन्हें महिला की मौत की सूचना दी गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके कनौजिया ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लापरवाही जैसी कोई बात नहीं हुई है। बिजली जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि मंडलीय चिकित्सालय में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होती है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। उन्होंने बताया कि यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी।