
2022 के समझौते का हवाला देकर वित्त मंत्रालय से व्यवस्था लागू करने की मांग
आजमगढ़। शहर की स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर बुधवार को बैंकिंग कार्य समाप्त होने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
2022 में बनी सहमति, अब लागू करने की मांग
धरने को यूपी स्टेट बैंक ऑफिसर्स संगठन के महामंत्री राजीव सिंह सेंगर, स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव अमित सिंह और यूनियन बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन यूपी के सचिव विष्णु गुप्ता ने संबोधित किया। राजीव सिंह सेंगर ने कहा कि भारतीय बैंक संघ और यूनाइटेड फोरम के बीच वर्ष 2022 में हुए समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग को स्वीकार किया गया था। इसके बावजूद सरकार इसे लागू नहीं कर रही है।
स्वास्थ्य और कामकाज पर पड़ेगा सकारात्मक असर
अमित सिंह ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था से कर्मचारियों के स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या में सुधार होगा। इससे कर्मचारी अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य-जीवन संतुलन का सीधा लाभ बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।
बीमा क्षेत्र में लागू तो बैंकों में क्यों नहीं
विष्णु गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2022 के समझौते को आधार बनाकर बीमा क्षेत्र में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू की जा चुकी है। ऐसे में वित्त मंत्रालय की ओर से बैंकों में इसे लागू नहीं किया जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि मांग की अनदेखी आगे बड़े विरोध और गतिरोध का कारण बन सकती है।
महिला बैंककर्मियों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
धरने में बड़ी संख्या में महिला बैंककर्मी भी मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की महिला कर्मचारियों को भी विशेष आवश्यकता है। इससे उन्हें नौकरी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन में मदद मिलेगी।
धरने में स्टेट बैंक से सौरभ सिंह, कमल कांति, वर्तिका, संतोष सिंह, इशिका गुप्ता, प्रियंका, सुधा तिवारी, रेखा, ज्योत्सना सिंह, निकिता यादव, इंद्रेश यादव, प्रदीप वर्मा, विजय गुप्ता, राजेश चौधरी, जगदीश यादव, विनायक टंडन, पुरुषोत्तम, रजनीश यादव, प्रदीप ताड़ी, राजकुमार और मु. रईस मौजूद रहे। बैंक ऑफ बड़ौदा से जनार्दन कुमार तथा यूनियन बैंक से दुर्गा शंकर प्रसाद, अंजनी कुमार, सौरभ गुप्ता और शिशिर चौधरी समेत अन्य कर्मचारी शामिल हुए।