
भंवरनाथ–कम्हेनपुर मार्ग की बदहाल स्थिति बनी कार्रवाई का कारण,
पूर्व निर्देशों के बावजूद नहीं हुई सड़क की मरम्मत
आजमगढ़। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जारी प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक अवर अभियंता (जेई) पर भारी पड़ गई। जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार के निरीक्षण में कांवड़ मार्ग पर गड्ढे और जलभराव मिलने के बाद संबंधित जेई के खिलाफ कंधरापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 223 और 198 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
प्रशासन के अनुसार 22 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक तथा 24 जुलाई को मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कांवड़ यात्रा मार्ग को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कमियों के मिलने पर कार्रवाई की गई।
रविवार को जिलाधिकारी ने भंवरनाथ मंदिर परिसर एवं वहां तक पहुंचने वाले मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान भंवरनाथ से कम्हेनपुर संपर्क मार्ग के शुरुआती लगभग 400 मीटर हिस्से में गड्ढे और जलभराव पाया गया। यह मार्ग कांवड़ियों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने जिम्मेदार अवर अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निर्देश के अनुपालन में निर्माण खंड-2, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने अवर अभियंता रतनदीप के खिलाफ कंधरापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि पूर्व में निर्देश दिए जाने के बावजूद उन्होंने समय पर सड़क की गड्ढा भराई नहीं कराई।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 223 और 198 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित जेई की लापरवाही से कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी, इसलिए श्रद्धालुओं के हित और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।