
677 शिक्षक व शिक्षामित्रों को सात चरणों में दिया जा रहा पांच दिवसीय प्रशिक्षण | अजमतगढ़ बीईओ ने प्रशिक्षण केंद्र का किया निरीक्षण
आजमगढ़ । नई शिक्षा नीति-2020 के तहत निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अजमतगढ़ खंड संसाधन केंद्र के मीटिंग सभागार में शिक्षकों और शिक्षामित्रों का पांच दिवसीय एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में कुल 677 शिक्षक एवं शिक्षामित्र प्रतिभाग करेंगे। इसे सात चरणों में पूरा कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण के तीसरे चरण के पांचवें एवं अंतिम दिन बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार यादव ने प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि कोई भी शिक्षक प्रशिक्षण से अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही की स्थिति में वेतन रोकने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
तीसरे चरण के अंतिम दिन करीब 100 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक चरण में लगभग 100 शिक्षक एवं शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों में बुनियादी भाषाई एवं गणितीय दक्षता विकसित करने के साथ ही सामाजिक विषयों की प्रारंभिक समझ को मजबूत करना है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, समझने और गणितीय ज्ञान की बुनियादी क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें निपुण भारत के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप दक्ष बनाना है।
प्रशिक्षण प्रदीप तिवारी, प्रदीप राय, दिनेश पांडेय, लक्ष्मी नारायण माथुर और मुकेश सिंह द्वारा दिया जा रहा है। इस दौरान जितेंद्र राय, विपिन प्रजापति, अवधेश यादव, हुमा प्रवीन, अविनाश शाही, वरुण राय और धनंजय सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षामित्र मौजूद रहे।