
एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर लगाए गंभीर आरोप, पूर्व महंत की हत्या का हवाला देकर जताई जान का खतरा
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गडेरुवा गांव स्थित श्री राधेश्याम भगवान श्री कृष्ण प्रणामी संप्रदाय मंदिर के मुख्य महंत श्री श्री 1008 रामेश्वर दास जी महाराज ने मंदिर की संपत्ति पर कथित कब्जे के प्रयास और जान से मारने की धमकियों का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की है। महंत ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसपी को दिए प्रार्थना-पत्र में महंत ने बताया कि वह करीब 14 वर्षों से मंदिर में पूजा-पाठ, सेवा, रखरखाव और व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2014 में तत्कालीन महंत चेतन दास जी की हत्या के बाद जामनगर, गुजरात स्थित जगतगुरु आचार्य श्री कृष्णमणि प्रणामी संप्रदाय की ओर से उन्हें मंदिर का मुख्य महंत एवं आचार्य नियुक्त किया गया था।
महंत का आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों की नजर मंदिर की संपत्ति पर है। आरोप है कि मंदिर की संपत्ति को अपने हित में लेने के उद्देश्य से कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करीब पांच लोगों ने एक समिति का गठन कर उसका पंजीकरण करा लिया। महंत का कहना है कि समिति के गठन और पंजीकरण में मंदिर अथवा संबंधित धार्मिक संस्था के अधिकृत लोगों की अनुमति नहीं ली गई।
विरोध पर धमकी देने का आरोप
प्रार्थना-पत्र के मुताबिक, मंदिर की संपत्ति से जुड़ी गतिविधियों का विरोध करने पर महंत को कथित रूप से धमकाया और परेशान किया जाने लगा। आरोप है कि कई बार 20 से 25 लोग मंदिर परिसर में पहुंचकर गाली-गलौज करते हुए धमकी देते हैं और संपत्ति पर अधिकार जताने का प्रयास करते हैं।
महंत ने थाना स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर की संपत्ति की रक्षा करना उनका धार्मिक दायित्व है और वह किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि मंदिर की संपत्ति एवं धार्मिक व्यवस्था की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
पूर्व महंत की हत्या का हवाला, जताया जान का खतरा
महंत ने वर्ष 2014 में तत्कालीन महंत चेतन दास जी महाराज की हत्या का उल्लेख करते हुए मौजूदा परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका कहना है कि कथित धमकियों के कारण उन्हें अपने जीवन को लेकर भय बना हुआ है और किसी अप्रिय घटना की आशंका है।
महंत के अनुसार, पूरे मामले की जानकारी जगतगुरु आचार्य श्री कृष्ण प्रणामी संप्रदाय, जामनगर, गुजरात को भी दी गई है। मंदिर की नियुक्ति, भूमि और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही गई है।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
महंत ने एसपी से मंदिर की संपत्ति से जुड़े अभिलेखों, कथित समिति के गठन एवं पंजीकरण तथा लगाए गए अन्य आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।