
तीन दिन से एक्स-रे, सोनोग्राफी और सिटी स्कैन ठप, रोजाना 1200 से 1400 मरीजों पर असर
बलरामपुर/आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफे के बाद जांच व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पिछले तीन दिनों से एक्स-रे, सोनोग्राफी और सिटी स्कैन की सेवाएं बंद हैं। इससे अस्पताल की ओपीडी में आने वाले करीब 1200 से 1400 मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जांच के लिए मरीजों को निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल एक भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। सामान्य दिनों में रोजाना करीब 150 से 180 मरीजों का एक्स-रे और 70 से 80 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता था। अब इन जांचों के साथ सिटी स्कैन सेवा भी प्रभावित होने से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है।
पहले अस्पताल में डॉ. बालचंद तैनात थे। उनके द्वारा सेवानिवृति ले लेने के बाद 11 जून को बलिया से डॉ. जमील अख्तर की तैनाती हुई थी। वह अकेले ही रेडियोलॉजी विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। काम के दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने बीते छह अगस्त को इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद अस्पताल की जांच व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई।
जांच सेवाएं बंद होने का सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें तत्काल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या सिटी स्कैन की जरूरत है। ऐसे में जल्द रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने पर समस्या और बढ़ सकती है।
” रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफे के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एडी को पत्र भेज दिया गया है। मंडलीय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को भी पत्र लिखा गया है। फिलहाल मेडिको-लीगल जांच मऊ जिला अस्पताल में कराई जाएगी। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होते ही अस्पताल की जांच सेवाओं को सुचारु कराया जाएगा।” डॉ. सतीश कन्नौजिया, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।