
सीएमओ ने दो कार्य दिवस में मांगा स्पष्टीकरण, संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी प्रशासनिक कार्रवाई, बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
आजमगढ़। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के संचालन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने रविवार को हरैया विकासखंड क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और बाढ़ चौकियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हाजीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव 24 से 30 अगस्त तक लगातार अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए और दो कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों व कर्मचारियों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

रौनापार पीएचसी में गंदगी मिलने पर नाराजगी
हाजीपुर पीएचसी के निरीक्षण में अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। वहीं रौनापार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधिकांश कर्मचारी मौजूद थे। कुछ स्वास्थ्यकर्मी बाढ़ चौकी पर ड्यूटी में तैनात मिले। केंद्र परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब मिलने पर सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। दो कार्य दिवस में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने, अनुपालन रिपोर्ट देने और वीडियो कॉल के माध्यम से केंद्र की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने को कहा।
इसके बाद सीएमओ ने हाजीपुर बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को दवाओं का वितरण करते मिले। गांगेपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थापित बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य विभाग के साथ राजस्व विभाग के तहसीलदार, लेखपाल व अन्य कर्मचारी भी मौजूद मिले। यहां दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। महुला, खटोली और डाडा क्षेत्र की बाढ़ चौकियों एवं काउंटरों का भी निरीक्षण किया गया, जहां व्यवस्थाएं सामान्य मिलीं।

76 केंद्रों पर लगा जन आरोग्य मेला, 2110 मरीजों की जांच
सीएमओ ने बताया कि रविवार को जिले में कुल 76 स्थानों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इनमें 78 चिकित्सकों और 308 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने सेवाएं दीं। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 2110 मरीजों का पंजीकरण और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 880 पुरुष, 919 महिलाएं और 311 बच्चे शामिल रहे।
मेले में 221 मरीजों की कोविड-19 हेल्प डेस्क पर स्क्रीनिंग की गई। जांच के दौरान 58 लीवर रोग, 185 श्वसन संबंधी रोग, 324 गैस्ट्रो संबंधी रोग, 316 डायबिटीज, 261 त्वचा रोग, 11 टीबी, 21 एनीमिया और 98 हाइपरटेंशन के मरीज चिन्हित किए गए। इसके अलावा 90 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई और 138 कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं सेवाएं दी गईं।
37 मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए किया गया रेफर
गंभीर अथवा विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता वाले 37 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। इनमें 33 मरीजों को मेडिसिन, दो को स्त्री एवं प्रसूति रोग और दो मरीजों को ईएनटी विशेषज्ञ के लिए रेफर किया गया।
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच, उपचार, परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज की समुचित जांच और उपचार सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर मरीज को समय से उच्च चिकित्सा इकाई के लिए रेफर किया जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ चौकियों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती और मरीजों को तत्काल उपचार देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी में लापरवाही, बिना सूचना अनुपस्थिति और स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में शिथिलता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।