
जिला महिला अस्पताल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
आजमगढ़। जिला महिला चिकित्सालय आजमगढ़ में विश्व स्तनपान दिवस के समापन अवसर पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, प्रशिक्षुओं, मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, मरीजों, उनके परिजनों और मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नवजात शिशु के लिए केवल मां का दूध ही सबसे सुरक्षित, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से अपील की कि जन्म के बाद शिशु को किसी भी स्थिति में जन्म घुट्टी, पाउडर वाला दूध या किसी अन्य जानवर का दूध न पिलाया जाए।
उन्होंने बताया कि मां के दूध में शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। विशेष रूप से जन्म के बाद शुरुआती तीन दिनों का गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षुओं ने स्तनपान के महत्व पर आधारित भावनात्मक एवं ज्ञानवर्धक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा शरण पाण्डेय ने भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्तनपान की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य प्रियंका यादव, मेट्रन दुर्गा देवी, शकुन्तला यादव, छाया राय सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर, नर्सिंग स्टाफ, मरीज एवं उनके तीमारदार उपस्थित रहे।