
आजमगढ़। विधान परिषद के मानसून सत्र में 3 और 4 अगस्त 2026 को आजमगढ़ के एमएलसी शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने सगड़ी और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के देवारा इलाके के गन्ना किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गन्ने की फसल के कथित गलत मूल्यांकन, सठियांव चीनी मिल में किसानों के शोषण और मेहनगर क्षेत्र की जर्जर सड़क का मुद्दा सदन में उठाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
फसल विकसित होने से पहले ही कर दिया गया गलत मूल्यांकन
एमएलसी शाह आलम ने बताया कि किसानों द्वारा हाल ही में लगाए गए गन्ने के पौधे अभी पूरी तरह विकसित भी नहीं हुए हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने समय से पहले सर्वे कर फसल को ‘थर्ड कैटेगरी’ में दर्ज कर दिया। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि विकसित होने से पहले ही फसल को अनुपयुक्त श्रेणी में रखना गलत है। उन्होंने सरकार से फसल के पूर्ण विकसित होने के बाद पुनः सर्वे कराने की मांग की।
सठियांव चीनी मिल में किसानों के शोषण का आरोप
सदन में शाह आलम ने सठियांव चीनी मिल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों की गाड़ियां लंबे समय तक कतार में खड़ी रहती हैं, समय पर पर्चियां नहीं मिलतीं और बिचौलियों के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की।
मेहनगर की जर्जर सड़क का मामला भी उठाया
एमएलसी ने मेहनगर तहसील के बिंद्राबाजार-खालिसपुर लहबरिया लिंक रोड पर मगही नदी के पास लगभग 300 मीटर क्षतिग्रस्त खड़ंजा मार्ग का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने बताया कि जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क के तत्काल नवनिर्माण और उच्चीकरण की मांग की।
मंत्री ने दिया पुनः निरीक्षण का आश्वासन
शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने सरकार से गन्ने की फसल का दोबारा सर्वे कराने, किसानों की समस्याओं का समाधान करने तथा सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया। इस पर संबंधित मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि मामले का दोबारा पूर्ण निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।