
जिलाधिकारी से भू-माफियाओं के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग, न्यायालय के यथास्थिति आदेश की अवहेलना का भी आरोप
आजमगढ़। लालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम गोमाडीह के अनुसूचित जाति के पट्टेदारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लगभग 128 बीघा सरकारी तालाब की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और फर्जी अभिलेख तैयार कराए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
1975-76 के पट्टे की भूमि पर 50 वर्षों से कर रहे हैं खेती
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1975-76 में ग्राम गोमाडीह स्थित सरकारी भूमि पर कृषि पट्टा आवंटित किया गया था। तब से सभी पट्टेदार लगातार करीब 50 वर्षों से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं।
फर्जी तरीके से भूमि दर्ज कराने का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि गांव के ही रविन्द्र राय, रमेश राय एवं ठाकुर राय ने चकबंदी अधिकारियों की मिलीभगत से वाद संख्या 2763/2024 के माध्यम से लगभग दो बीघा भूमि को बढ़ाकर छह बीघा दर्शाते हुए सरकारी अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा लिया। साथ ही लगभग 128 बीघा सरकारी तालाब की भूमि पर भी कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
यथास्थिति आदेश के बावजूद कब्जे का प्रयास
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि चकबंदी न्यायालय द्वारा यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश पारित होने के बावजूद आरोपित न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर पट्टेदारों की भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि जब पट्टेदारों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई और प्रभाव का इस्तेमाल कर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका भी जताई गई है।
जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा 1975-76 के पट्टेदारों की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल रोका जाए। साथ ही आरोपित भू-माफियाओं के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।