राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिक हित के समन्वय का प्रतीक है भारतीय मजदूर संघ : अनुपम

आजमगढ़ आजमगढ़ शहर

भारतीय मजदूर संघ का 72वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

आजमगढ़। भारतीय मजदूर संघ, जिला आजमगढ़ द्वारा संगठन का 72वां स्थापना दिवस गुरुवार को रोडवेज स्थित जिला कार्यालय पर हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती, भगवान विश्वकर्मा एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण तथा भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक पूज्य दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम जी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित संगठनों ने श्रमिकों के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें लंबे समय तक उनके वास्तविक अधिकारों से वंचित रखने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई 1955 को भोपाल में स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर राव की जयंती के अवसर पर पूज्य दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की थी। आज भारतीय मजदूर संघ राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिक हित के समन्वय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए विश्व का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन बन चुका है।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक दीनानाथ जी ने अपने संबोधन में श्रमिकों से सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और संगठन की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठित एवं संस्कारित श्रमिक ही राष्ट्र निर्माण की सशक्त आधारशिला हैं।


कार्यक्रम का संचालन भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री विपिन बिहारी पाठक ने किया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, जिलामंत्री अखिलेश सिंह, प्रवेश सिंह, दिलीप तिवारी, राहुल सिंह सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान तथा भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ हुआ।

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