
इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ने का परिजनों ने लगाया था आरोप, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। मार्टिनगंज क्षेत्र के महमूदपुर गांव में उपचार के दौरान एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी क्लिनिक को सील कर दिया। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक के पंजीकरण, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता और उपचार से जुड़े अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है।
महमूदपुर निवासी शकुंतला बुखार से पीड़ित थीं। परिजनों के अनुसार, वह उपचार के लिए गांव में संचालित एक निजी क्लिनिक पर गई थीं। आरोप है कि उपचार के दौरान उन्हें इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए जौनपुर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने संबंधित निजी क्लिनिक पर पहुंचकर विरोध जताया। मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने इसे गंभीरता से लिया और नोडल अधिकारी निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. मोहनलाल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी ने मार्टीनगंज अधीक्षक को मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम महमूदपुर पहुंची और संबंधित निजी क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया।
पंजीकरण और चिकित्सकीय योग्यता की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम अब क्लिनिक के पंजीकरण, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता, महिला के उपचार से संबंधित अभिलेख, इस्तेमाल की गई दवाओं और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने कहा कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालित करने वालों और अनधिकृत रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महिला की मौत के मामले में भी जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।