जी.डी. ग्लोबल स्कूल में श्रद्धा, भक्ति और सेवा-भाव के साथ मनाया गया दशहरा उत्सव

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रामलीला के मंचन से दिया सत्य और मर्यादा का संदेश, निराश्रित गायों के लिए विद्यार्थियों ने किया रोटी दान
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विद्यार्थियों को सिखाए गए करुणा, सदाचार और माता-पिता की सेवा के संस्कार

हिंदी न्यूज़ 24
आजमगढ़। करतालपुर बाईपास स्थित जी.डी. ग्लोबल स्कूल में शनिवार को दशहरा उत्सव श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने मां नवदुर्गा को समर्पित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। श्री हनुमान स्तुति की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
उत्सव का मुख्य आकर्षण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला का सजीव मंचन रहा। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से सत्य, धर्म, त्याग एवं मर्यादा का संदेश दिया। रामलीला के जरिए दर्शकों को बुराई पर अच्छाई की विजय के शाश्वत महत्व से परिचित कराया गया।


निराश्रित गायों के लिए विद्यार्थियों ने किया रोटी दान
कार्यक्रम में ‘गौ सेवा सहभागिता’ अभियान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अंतर्गत विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने निराश्रित गायों के लिए रोटी दान की। इस पहल के माध्यम से बच्चों को जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और सेवा-भाव अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रामलीला के प्रभावशाली मंचन की सराहना की। उन्होंने कहा कि दशहरा धर्म, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भारतीय संस्कृति में मां की सेवा को सर्वोपरि माना गया है। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ माता-पिता की सेवा, जरूरतमंदों की सहायता तथा जीवों के प्रति करुणा का भाव ही भक्ति को सार्थक बनाता है।


प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने कहा कि विजयादशमी हमें याद दिलाती है कि असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य की ही होती है। बच्चों में सेवा, करुणा और सदाचार के संस्कार विकसित करना ही इस पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
कार्यकारी निदेशक श्री श्रीश अग्रवाल ने कहा कि रावण के दस सिरों का दहन तभी सार्थक है, जब हम अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और अन्य विकारों का अंत करें। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।


प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है। विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारें और ज्ञान के साथ संवेदना, संस्कार तथा सेवा-भाव को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाएं।
नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का संगम बना उत्सव
समग्र रूप से दशहरा उत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर संगम साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वास्तविक विजय दूसरों पर नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने में है।
इस अवसर पर विद्यालय के संयोजक श्री जी.के. त्रिपाठी सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


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